कीट प्रबंधन
आक्रमण / लक्षण |
नियंत्रण |
| लीफ माईनर (पर्णखनिक) और थ्रिप्स: लार्वे पत्तों पर सुरंग बनाते हैं तथा फरवरी से अप्रैल तक हानि पहुंचाते हैं। प्रौढ़ थ्रिप्स फूल के अन्दर पलते हैं तथा शिशु पत्तों और फलियों पर पलते हैं। |
80 मि. ली. लैम्बड़ा-साईहेलोथ्रीन (कराटे 5 ई.सी.) या 75 मि.ली. साईपरमैथरीन (10 ई.सी.) या 50 मि.ली. डाईक्लोरवास (न्यूवान 76 ई.सी.) या मैलाथियान 50 ई. सी. 100 मि.ली. को 100 लीटर पानी में घोलकर फसल पर जिस समय भी कीड़ों का प्रकोप दिखाई दें, छिड़काव करें जब फलियां पकने लगें तो फलियों के तुड़ान के बाद इसी दवाई का छिड़काव करें ओर 15 दिन तक फलियों न तोड़ें। नोट: दवाई का छिड़काव उस समय करें जब कीट का 40 प्रतिशत या इससे अधिक प्रकोप हो। |
| फली छेदक: सुंडियां पत्तों पर पलती है और बाद में फलियों में घुसकर बीज खाती हैं। | 200 ग्राम कार्बरिल (400 ग्राम सेविन 50 डब्लयू पी) 100 मि.ली. मैलाथियान को 100 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। सावधानी: छिड़काव से 15 दिन बाद ही फलियाँ तोड़ें। |
नोट: लीफ माईनर (पर्णखनिक) और चूर्णलासिता के नियन्त्रण के लिए एकीकृत छिड़काव सारिणी:
फरवरी के दूसरे सप्ताह तक या फूल आने से 15 दिन पहले फसलों पर 100 मि. ली. मिथाईल डेमीटन (मैटासिस्टाक्स 25 ई.सी.) प्रति 100 लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें। इसके बाद 100 मि.ली. मिथाइल डेमीटान + 200 ग्राम सल्फेक्स 80 डब्ल्यू पी या मिथाइल डेमीआन (100 मि.ली.) रूवीगान 12 ई.सी. (40 मि.ली.) का छिड़काव 100 ली. पानी में मिलाकर 14 दिनों के अन्तराल पर करें
या
फरवरी के अंतिम सप्ताह में तथा इसके 14 दिन बाद एक और छिड़काव 50 ग्राम बैलेटान + 100 मि.ली. मिथाईल डेमीटान (मैटासिस्टॉकस 25 ई.सी.) या कैन्टॉफ 0.05 प्रतिशत + 100 मि.ली. मिथाईल डेमिटान (मैटासिस्टाक्स 25 ई.सी.) या 50 ग्राम कैन्टॉफ या 65 मि.ली. डाईक्लोरवास (न्यूवान या मासबान 76 ई.सी. या 100 लीटर पानी) या टोपाज 0.05 प्रतिशत + 100 मि.ली. मिथाईल डेमीटान (मैटासिस्टॉकस 25 ई.सी.) प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।



