अंतर-फसल
यदि कुल्लू घाटी (खण्ड-2) में सर्दियों की बारिश आने में बहुत देरी हो जाये तो गेहूं (वी. एल-892) और गोभी-सरसों (किस्म शीतल) की बिजाई सबसे लाभदायक रहती है। उसके बाद गेहूं (एच.एस-490) की बिजाई जनवरी के पहले पखवाड़े तक कर लेनी चाहिए और ऐसी स्थिति में बारानी खेती के लिए दी गई नाईट्रोजन की मात्रा की 25 प्रतिशत अधिक मात्रा इन फसलों को देनी चाहिए। ऐसी परिस्थितियों में मसर (किस्म विपाशा), सरसों (किस्म एच.पी बी. एस.-1) या राया (किस्म-वरूणा) को क्रमशः लगाना चाहिए।



