इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में उपयुक्त स्थलों पर चैकडैम एवं तालाबों का निर्माण किया जायेगा, उनमें एकत्रित जल को किसान व्यक्तिगत लघु उठाऊ सिंचाई योजनाऐं या बहाव सिंचाई योजनाऐं (जैसा अपेक्षित हो) बनाकर सिंचाई के लिए पानी उपयोग कर सकते हैं। योजना के अन्तर्गत सामुदायिक लघु जल संचयन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए शत प्रतिशत व्यय सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
वर्ष 2025-26 में इस योजना के अन्तर्गत 1.00 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।



