प्रदेश में धान, मक्की, दालों, गेहूँ और पोषक अनाजों (Nutri-Cereals) का उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के लिए “खाद्य एवं पोषण सुरक्षा” (पूर्व में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान) के नाम से कार्यक्रम आरम्भ किया गया है। (केन्द्रीय हिस्सा: राज्य हिस्सा, 90:10)
इसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में धान, गेहूँ, दालों, मक्की व पोषक अनाजों का उत्पादन बढा़ने हेतू सहायता दी जा रही है।
2024-25 में 761.00 लाख रूपये का प्रावधान किया गया था। इसमें धान के लिए 22.05 लाख रूपये, गेहूँ के लिए 185.36 लाख रूपये, मक्की के लिए 113.53 लाख रूपये, दालों के लिए 158.65 लाख रूपये व पोषक अनाजों के लिए 108.56 लाख रूपये व्यय किये गये।
इसमें धान के लिए 2 जिले कांगड़ा व मंडी, गेहूँ के लिए 9 जिले ( शिमला, किन्नौर व लाहौल स्पिीति को छोड़कर) शामिल है। मक्की के लिए 9 जिले ( शिमला, किन्नौर व लाहौल को छोड़कर) शामिल है। इसके अलावा दलहनी फसलों व पोषक अनाजों के लिए सभी जिले जिले शामिल हैं।
इसके अन्तर्गत क्लस्टर प्रदर्शन क्षेत्र, मशीनरी, प्रमाणित बीज बितरण, सूक्ष्म तत्व, पौध संरक्षण इत्यादि पर सहायता दी जा रही है।
वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के अंतर्गत 9.65 करोड़ बजट का प्रावधान है।



