प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 से एक नई योजना ” तकनीकी हस्तांतरण के समर्थन के लिए ” आरम्भ की गई है। तकनीकी हस्तांतरण को आम तौर पर ज्ञान का सूत्रीकरण और प्रसार करने तथा किसानों को सक्षम निर्णयकर्ता बनाने के रूप में देखा जाता है। तकनीकी हस्तांतरण, तकनीक को किसानों, किसानों या संगठन से स्थानांतरित (प्रसारित) करने की प्रक्रिया है, जिसमें वैज्ञानिक परिणामों को नये उत्पादों और सेवाओं में बदलने का प्रयास किया जाता है जो संपूर्ण कृषि समुदाय को लाभ पहुंचाते हैं। कृषि विभाग राज्य के किसानों की अर्थव्यवस्था को उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाकर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए फसलों के बारे में सभी प्रकार की तकनीकी एवं नवीनतम जानकारी के साथ-साथ विभिन्न फसल चरणों के दौरान सही समय पर किसानों को सलाह देना समय की मांग है। विभाग पहले से ही विभिन्न अ०नलाइनध्अ०फलाइन पहलों के माध्यम से किसानों को सेवा वितरण में सुधार के लिए विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहा है। कृषि समुदाय द्वारा तकनीक अपनाने में मौजूदा अंतर को कम और किसानों को प्रभावी रूप से जागरूक करने के लिए, इस योजना में विभाग किसान प्रशिक्षण शिविरों संगोष्ठियों किसान गोष्ठियों क्षमता निर्माण कार्यक्रमों भ्रमा के साथ-साथ आईसीटी आधारित गतिविधियां शामिल है। इन तकनीकी हस्तांतरण गतिविधियों के माध्यम से राज्य और केंद्र प्रायोजित योजनाओं से संबंधित सभी जानकारी और उपलब्धियां किसानों तक पहुंचाई जाएंगी। योजना को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने के लिए और प्रसार कार्यकर्ताओं की दक्षता बढ़ाने के लिए योजना में भ्रमण का भी प्रावधान किया गया है। योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश सरकार द्वारा वित्त र्वा 2024-25 में 151-00 लाख रुपये का बजट प्रावधान था जिसमें से 137.00 लाख रूपये व्यय किए गऐ। योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में 3.00 लाख रूपये बजट का प्रावधान है। इसमें से 2.50 करोड़ बजट हिम कृषि योजना से पुनः विनियोजन द्वारा इस योजना के लिए आवंटन हेतु सरकार को भेजा गया है ।
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