केन्द्रीय सरकार की आर्थिक मामलां की समिति द्वारा 2018-19 में राष्ट्रीय सतत खेती मिशन के अर्न्तगत राष्ट्रीय बांस मिशन को देश में लागू करने की स्वीकृति दी गई है।
मुख्य उद्देश्य:
- बांस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना
- संभावित क्षेत्रों में बांस की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों के साथ काम करना
- प्राथमिक प्रोसैसिंग इकाइयों की स्थापना करना
- बांस और बांस आधारित हस्तशिल्प के विपणन को बढ़ावा देना
- इस मिशन से कृषि उत्पादकता और आय बढे़गी, परिणाम स्वरूप छोटे व मध्यम वर्ग के किसानों एवम महिलाओं की आजीविका के अवसरों में वृद्धि होगी और साथ-साथ उद्योगों को भी गुणवता संपन्न सामग्री मिलेगी। इसके साथ-साथ ये मिशन जलवायु को सुदृढ़ बनाने और पर्यावरण संबधी लाभों में भी योगदान करेगा।
प्रदेश में कृषि विभाग, हि. प्र. को इस मिशन को लागू करने के लिए एंकरिंग विभाग (Anchoring Department) मनोनीत किया गया है और कृषि निदेशक, हि. प्र. को राज्य मिशन निदेशक नियुक्त किया गया है। कृषि विभाग के अलावा वन विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, उद्योग विभाग, कृषि विश्वविद्यालय शामिल है।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के अंतर्गत 3.70 करोड़ बजट का प्रावधान है। इस घटक के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा अभी तक 65 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई ।



